बदलाव के लिए एकजुटता जरूरी
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि समाज में बदलाव तब आएगा, जब पीड़ित वर्ग अपने अधिकारों को पहचानेगा और संगठित होकर आवाज उठाएगा। इस अभियान के माध्यम से महासंघ शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकार, सामाजिक न्याय और भेदभाव मुक्त समाज की दिशा में काम करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) को विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस दिन विशाल सभा और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समाज के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक शामिल होंगे।
महासंघ लड़ेगा हर गरीब की लड़ाई
डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ का यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कानूनी सहायता भी प्रदान की जाएगी। महासंघ ऐसे मामलों को उठाएगा, जहां दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि महासंघ हर अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा और शोषण के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगा। उन्होंने समाज के सभी जागरूक नागरिकों, युवाओं और संगठनों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सामाजिक समानता और न्याय की इस मुहिम को सफल बनाएं।

