लखनऊ, 14 जून गोष्ठी में मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस बी.पी. सिंह ने कहा कि डॉक्टर आंबेडकर द्वारा मात्र दो वर्ष 11 महीने 18 दिन में भारतीय संविधान तैयार किया गया था, जो कि दुनिया में सबसे बड़ा एवं मजबूत संविधान है। डा. भीमराव आंबेडकर उस समय रात-दिन जग कर सारे मजहब, समुदाय, समाज को हित को दृष्टिगत रखते हुए संविधान का निर्माण किया था। भारत के संविधान को आज पूरी दुनिया लोहा मानती है। इस दृष्टि से देखा जाए तो भारत का संविधान महा ग्रंथ के रूप में भारत को प्राप्त हुआ है जिससे न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका एवं देश की सारी राष्ट्रीय मशीनरी संचालित होती हैं। इस संविधान में किसी प्रकार का किसी के लिए भेदभाव का स्थान ही नहीं है। डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक राजेश कुमार सिद्धार्थ ने दी। उन्होंने बताया कि पूरे माह महासंघ द्वारा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, रैलियों और बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह अभियान शोषण, छुआछूत और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को मजबूती देने का कार्य करेगा।
संविधान की रोशनी में होगा जागरूकता अभियान

