राजेश कुमार सिद्धार्थ ने अपने जीवन में कई संघर्ष किए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख संघर्ष इस प्रकार हैं:
- पत्रकारिता में संघर्ष: उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना किया और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
- दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनके उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई।
- किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष: उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम किया।
- संविधान और अंबेडकर के विचारों के प्रचार के लिए संघर्ष: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने संविधान और अंबेडकर के विचारों के प्रचार के लिए संघर्ष किया और लोगों को इसके महत्व के बारे में जागरूक किया।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष: उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किया और इसके खिलाफ आवाज उठाई।
- शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकारों के लिए संघर्ष: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और लोगों को इन अधिकारों के महत्व के बारे में जागरूक किया।
- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों के लिए संघर्ष: उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनके उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई।
- महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनके उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई।
इन संघर्षों के माध्यम से राजेश कुमार सिद्धार्थ ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
संघर्षों की संख्या: राजेश कुमार सिद्धार्थ ने अब तक लगभग 1000 से अधिक धरना-प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित की हैं और हजारों लोगों को न्याय दिलाने का काम किया है।

