














































लखनऊ (मुख्य संवाददाता) —
डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने संविधान रथ यात्रा के शुभारंभ अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान देश की आत्मा है और इसे जन-जन तक पहुँचाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अथक प्रयासों से लगातार तीसरे वर्ष भी संविधान रथ यात्रा निकाली जा रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में संविधान के प्रचार-प्रसार की व्यापकता लगातार बढ़ी है। आम जनता, विशेषकर युवा वर्ग, महिलाएँ और वंचित समाज संविधान के मूल्यों को समझने लगे हैं। इसी जागरूकता का परिणाम है कि संविधान विरोधी ताकतें लगातार सत्ता से बाहर होने की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले वर्ष 2027 में संविधान विरोधी शक्तियों को पूरी तरह उखाड़ फेंका जाएगा और देश में सामाजिक न्याय व लोकतंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 75 जनपदों के लिए 75 संविधान रथ रवाना कर बाबा साहेब के विचारों को गाँव-गाँव, गली-गली तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। यह रथ लोगों को उनके मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के प्रति जागरूक करेंगे।
मीडिया की भूमिका की प्रशंसा
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के संघर्ष और संविधान रथ यात्रा को कैमरे में कैद कर मीडिया कर्मियों ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इस अभियान को जनता तक पहुँचाकर मीडिया कर्मी लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सभी मीडिया साथियों का आभार व्यक्त किया।
भव्य शुभारंभ और सहभागिता
भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के आवाहन पर राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन, सेवा स्तंभ, समता सैनिक दल, छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच सहित अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से 75 संविधान रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। यह यात्रा लखनऊ स्थित विधानसभा के सामने डॉ. आंबेडकर भवन से हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकपाल विश्वनाथ जैसवार एवं पी.सी. कुरील ने संयुक्त रूप से संविधान रथों को रवाना किया। कार्यक्रम का संयोजन रामचंद्र पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यात्रा का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक जनपद के लिए एक-एक संविधान रथ भेजा गया है। ये रथ प्रदेश के गाँवों, कस्बों और शहरों में जाकर संविधान के मूल सिद्धांतों का प्रचार करेंगे। यात्रा के दौरान आम जनता को संविधान की प्रतियाँ भी वितरित की जाएँगी, जिससे लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बन सकें।
उपस्थित गणमान्य लोग
कार्यक्रम में राजेश सिद्धार्थ, सी.एल. राजन, अशोक कुमार, सईद सिद्दीकी, बी.पी. सिंह अशोक, डॉ. सत्यवती दोहरे, पंडित प्रदीप पासी, संदीप पाण्डेय, आर.सी. रावत, सी.एल. कुरील सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने संविधान रथ यात्रा को सामाजिक चेतना और लोकतांत्रिक जागरूकता का सशक्त माध्यम बताया।
आयोजकों के अनुसार यह संविधान रथ यात्रा आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में संचालित की जाएगी और संविधान की रक्षा एवं सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेगी।

