राजेश कुमार सिद्धार्थ प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं डॉ आंबेडकर संवैधानिक महासंघ ने कहा
प्रिय साथियों,
आज मैं एक बहुत गंभीर विषय पर आप सबके सामने खड़ा हूँ – और वह है वोट चोरी। यह सिर्फ चुनाव की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र पर सीधा हमला है। संविधान ने हमें मतदान का अधिकार दिया है, यह अधिकार हमारी आज़ादी की नींव है। लेकिन जब वोट की चोरी होती है तो यह अधिकार छीन लिया जाता है।
सोचिए, जब जनता घंटों लाइन में लगकर अपना मत डालती है और उसके बाद उसका वोट किसी और की झोली में डाल दिया जाता है, तो यह जनता के विश्वास के साथ सबसे बड़ी विश्वासघात है। बूथ कैप्चरिंग, ईवीएम की गड़बड़ी और प्रशासनिक दबाव – ये सब लोकतंत्र को खोखला बना रहे हैं।
हमारे बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि राजनीतिक समानता तभी सार्थक है जब हर नागरिक को मतदान का पूरा अवसर मिले। लेकिन जब वोट चोरी होती है, तो गरीब, दलित, पिछड़े, किसान, मजदूर – सबका सपना टूट जाता है।
साथियों, हमें यह संकल्प लेना होगा कि अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमें आवाज़ उठानी होगी, हमें आंदोलन करना होगा। याद रखिए –
“वोट चोरी बंद करो, लोकतंत्र का सम्मान करो!”
“जनता का हक जनता को दो, चोरी का खेल अब बंद करो!”
“जो करेगा वोट की चोरी, जनता करेगी उसकी ठोरी!”
भाइयों और बहनों, वोट चोरी केवल लोकतंत्र की हत्या नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अगर हम चुप रहे, तो हमारा अधिकार धीरे-धीरे छिन जाएगा।
इसलिए मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होइए। यदि चुनाव पारदर्शी होंगे तभी सच्चे अर्थों में जनता की सरकार बनेगी। हमारा संघर्ष वोट की रक्षा का संघर्ष है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक वोट चोरी पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।
जय भीम, जय संविधान, जय किसान, जय भारत!

